पंचवर्षीय योजना 2024: क्या है | सभी पंचवर्षीय योजनाओं की जानकारी (Pdf)

Five Year Plans of India all Details | पंचवर्षीय योजनाओं की सभी जानकारी तथा इतिहास | History of Panchvarshiya Yojana | पंचवर्षीय योजनाओं की वर्ष-अवधि, कार्य तथा उद्देश्य, मुख्य बिंदु, लाभ तथा विशेषताएं | 13th Panchvarshiya Yojana के रूप में डिफेंस प्लान |

केंद्र सरकार द्वारा सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए हर 5 साल बाद Panchvarshiya Yojana को लागू किया जाता था | इन योजनाओं को कृषि तथा औद्योगिक क्षेत्र में वृद्धि, अर्थव्यवस्था के विकास तथा रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु चलाया जाता था | परंतु 12वीं पंचवर्षीय योजना के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इन योजनाओं को बनाना बंद कर दिया है |

हम आपको पंचवर्षीय योजनाओं के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे | पंचवर्षीय योजनाएं लागू करने के उद्देश्य | पंचवर्षीय योजनाओं का इतिहास तथा यह योजनाएं अब क्यों लागू नहीं की जा रही है ? पंचवर्षीय योजनाओं के लाभ तथा विशेषताएं अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु हमारे इस लेख को अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़ें | 

Five Year Plans of India

1951 में देश की पहली पंचवर्षीय योजना तथा सन 2017 में देश की 12वी तथा अंतिम पंचवर्षीय योजना लागू की गई थी | इन योजनाओं द्वारा लोगों को रोजगार के नए अवसर प्रदान करके तथा नागरिकों की सहायता करके उन्हें सशक्त, आत्मनिर्भर और मजबूत बनाया जाता था | जिससे उनका जीवन सरल हो सके | 

यह योजनाएं बीते वर्षों में लोगों के लिए बहुत लाभकारी और सफल रही है इन पंचवर्षीय योजनाओं द्वारा नागरिकों को अत्यधिक लाभ प्राप्त हुआ | इन Five Year Plans of India या राष्ट्रीय योजनाओं का कार्यभार पहले योजना आयोग तथा बाद में नीति आयोग द्वारा संभालने का कार्य किया गया | नीति आयोग 1 जनवरी 2015 को लागू किया था |

पंचवर्षीय योजना 2023: क्या है | सभी पंचवर्षीय योजनाओं की जानकारी (Pdf)
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Panchvarshiya Yojana के मुख्य बिंदु

पंचवर्षीय योजनाओं के कुछ मुख्य बिंदु निम्नलिखित है:-

योजना का नामपंचवर्षीय योजना
पहली योजना लागू तिथि8 जुलाई सन 1951 
12वीं योजना लागू सत्र सन 2017
अंतिम योजना12वीं पंचवर्षीय योजना
किसके द्वारा लागू की गई थीभारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी द्वारा
किसके द्वारा बंद की गईप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा
कुल पंचवर्षीय योजनाएं12
योजना आयोग की स्थापना15 मार्च 19 क्या50
नीति आयोग की स्थापना1 जनवरी 2015
राज्यभारत के सभी राज्य
उद्देश्यकृषि तथा औद्योगिक क्षेत्र में विकास तथा रोजगार के नए अवसर प्रदान करना
लाभआए में वृद्धि तथा नागरिकों को सशक्त, आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना
लाभार्थीभारत के सभी वर्गों (जातियों) के लोग
श्रेणी केंद्र सरकारी योजनाएं
ओल्ड वेबसाइटniti.gov.in/planningcommission.gov.in/docs/login.php
न्यू वेबसाइटniti.gov.in

पंचवर्षीय योजनाओं का उद्देश्य

पहली पंचवर्षीय योजना भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी द्वारा शुरू की गई | उनका उद्देश्य नागरिकों के लिए सामाजिक कार्यों को सुधारना था | आजादी की जंग की वजह से देश की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी थी, लोग बहुत परेशान थे | Panchvarshiya Yojana लागू किए जाने पर लोगों में खुशी की लहर दौड़ आई तथा उनके उम्मीद की किरण जागी |

पंचवर्षीय योजनाओं का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों को समस्याओं से छुटकारा दिलाकर राहत प्रदान करना था | सरकार द्वारा नागरिकों के लिए अनेकों प्रकार की सुविधाएं दी गई | जिससे लोगों का जीवन सरल हुआ | बेरोजगारी जैसी समस्याओं की दर में कमी आई तथा लोगों को रोजगार प्रदान किए गए | देश का विकास तथा नागरिकों के लिए शिक्षा स्तर उच्च किया गया |

पंचवर्षीय योजना बनाना: महत्वपूर्ण निर्देश

व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के लिए भविष्य की योजना बनाना महत्वपूर्ण है। एक पंचवर्षीय योजना आपको स्पष्ट लक्ष्य और उद्देश्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए एक रोडमैप प्रदान करने में मदद कर सकती है। अपनी पंचवर्षीय योजना बनाते समय ध्यान में रखने योग्य कुछ महत्वपूर्ण निर्देश यहां दिए गए हैं:-

  • अपने लक्ष्य निर्धारित करें: अगले पांच वर्षों में आप क्या हासिल करना चाहते हैं, इसकी पहचान करके शुरुआत करें। अपने लक्ष्य निर्धारित करने में विशिष्ट और यथार्थवादी बनें।
  • इसे तोड़ें: अपने लक्ष्यों को छोटे, प्रबंधनीय कार्यों में विभाजित करें। इससे उन्हें अधिक उपलब्धि प्राप्त होगी और आपको प्रेरित रहने में मदद मिलेगी।
  • समय सीमा निर्धारित करें: प्रगति सुनिश्चित करने और खुद को जवाबदेह बनाए रखने के लिए प्रत्येक कार्य के लिए समय सीमा निर्धारित करें।
  • अपनी प्रगति को ट्रैक करें: अपनी प्रगति को ट्रैक करने और आवश्यक समायोजन करने के लिए नियमित रूप से अपनी योजना की समीक्षा करें और अपडेट करें।
  • लचीले रहें: जीवन अप्रत्याशित है, इसलिए परिस्थितियाँ बदलने पर अपनी योजना को अनुकूलित करने के लिए तैयार रहें।
  • समर्थन लें: अपनी योजना विश्वसनीय मित्रों, परिवार या सलाहकारों के साथ साझा करें जो रास्ते में मार्गदर्शन और सहायता प्रदान कर सकते हैं।
  • प्रेरित रहें: प्रेरित रहने के तरीके खोजें और अपनी गति को बनाए रखने के लिए छोटी जीत का जश्न मनाएं।
  • असफलताओं से सीखें: असफलताएँ अपरिहार्य हैं, लेकिन वे सीखने के अवसर भी हो सकते हैं। विकास और सुधार के लिए उनका उपयोग करें।
  • ध्यान केंद्रित रखें: ध्यान भटकाने से बचें और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखें। अपने कार्यों को प्राथमिकता दें और अपने समय का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करें।
  • खुद पर विश्वास रखें: अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखें और विश्वास रखें कि आप जो करने के लिए तैयार हैं उसे हासिल कर सकते हैं।

पंचवर्षीय योजना बनाने के लिए युक्तियाँ और युक्तियाँ

पंचवर्षीय योजना बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन इन युक्तियों और युक्तियों से आप प्रक्रिया को आसान और अधिक प्रभावी बना सकते हैं:-

  • अपने भविष्य की कल्पना करें: कल्पना करें कि आप पाँच वर्षों में कहाँ होना चाहते हैं और अपनी योजना को निर्देशित करने के लिए उस दृष्टि का उपयोग करें।
  • इसे और तोड़ें: यदि पांच साल बहुत भारी लगते हैं, तो अपनी योजना को एक-वर्षीय या त्रैमासिक लक्ष्यों में तोड़ दें।
  • स्मार्ट लक्ष्य निर्धारित करें: सुनिश्चित करें कि आपके लक्ष्य विशिष्ट, मापने योग्य, प्राप्त करने योग्य, प्रासंगिक और समयबद्ध हैं।
  • एक समयरेखा बनाएं: सफलता का स्पष्ट मार्ग सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समयरेखा बनाएं।
  • प्रेरणा लें: ऐसे रोल मॉडल या सफलता की कहानियों की तलाश करें जो आपको प्रेरित और प्रेरित करने के लिए आपके लक्ष्यों के अनुरूप हों।
  • आत्म-विकास में निवेश करें: अपने कौशल और ज्ञान को बढ़ाने के लिए लगातार सीखें और आगे बढ़ें।
  • नेटवर्क: समान विचारधारा वाले व्यक्तियों के साथ संबंध बनाएं जो आपके लक्ष्यों का समर्थन कर सकते हैं और मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान कर सकते हैं।
  • व्यवस्थित रहें: व्यवस्थित और ट्रैक पर रहने के लिए कैलेंडर, टू-डू सूचियां या प्रोजेक्ट प्रबंधन सॉफ़्टवेयर जैसे टूल का उपयोग करें।
  • समीक्षा करें और विचार करें: नियमित रूप से अपनी प्रगति की समीक्षा करें और इस पर विचार करें कि क्या काम कर रहा है और किसमें समायोजन की आवश्यकता है।
  • मील के पत्थर का जश्न मनाएं: प्रेरित रहने के लिए अपनी उपलब्धियों का जश्न मनाएं और अपनी कड़ी मेहनत को स्वीकार करें।

याद रखने योग्य सामान्य बातें

अपनी पंचवर्षीय योजना बनाते समय ध्यान रखने योग्य कुछ अतिरिक्त सामान्य बिंदु यहां दिए गए हैं:-

  • यथार्थवादी बनें: ऐसे लक्ष्य निर्धारित करें जो चुनौतीपूर्ण हों लेकिन प्राप्य हों। अवास्तविक लक्ष्य हताशा और निराशा का कारण बन सकते हैं।
  • प्रतिबद्ध रहें: दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतरता और समर्पण महत्वपूर्ण हैं। अपनी योजना के प्रति प्रतिबद्ध रहें.
  • सीखने को अपनाएं: नए विचारों और विकास के अवसरों के लिए खुले रहें। सफलता के लिए निरंतर सीखना आवश्यक है।
  • सकारात्मक रहें: पूरी यात्रा के दौरान सकारात्मक मानसिकता बनाए रखें। अपने आप पर और बाधाओं को दूर करने की अपनी क्षमता पर विश्वास रखें।
  • समीक्षा करें और संशोधित करें: अपनी योजना की नियमित रूप से समीक्षा करें और आवश्यकतानुसार संशोधन करें। बदलती दुनिया में अनुकूलनशीलता महत्वपूर्ण है।
  • मील के पत्थर का जश्न मनाएं: अपनी उपलब्धियों का जश्न मनाने और अपनी प्रगति को स्वीकार करने के लिए समय निकालें। यह आपको प्रेरित रखेगा.
  • लचीले रहें: असफलताएँ जीवन का एक हिस्सा हैं। लचीले बने रहें और आपके सामने आने वाली किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना करें।
  • यात्रा का आनंद लें: प्रक्रिया का आनंद लेना और रास्ते में छोटी-छोटी जीतों का जश्न मनाना याद रखें। यात्रा उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी मंजिल।

योजनाओं का इतिहास

भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी ने 8 जुलाई 1951 को संसद में पहली पंचवर्षीय योजना का आरंभ किया था | इसके अंतर्गत लोगों के लिए आर्थिक विकास पर कृषि क्षेत्र पर कार्य किया गया | उस समय अनाज की कमी बांध एवं सिंचाई की समस्या बहुत अधिक थी | देश आजाद होने के बाद भी योजना नागरिकों के लिए एक उपहार थी | 

  • अंग्रेजी शासक जोसेफ स्टालिन ने सन 1928 में सोवियत संघ में पहली पंचवर्षीय योजना लागू की थी |

Panchvarshiya Yojana वर्ष अवधि एवं उद्देश्य

इसमें आप पहली पंचवर्षीय योजना से 12वीं पंचवर्षीय योजना तक की जानकारी प्राप्त करेंगे | पंचवर्षीय योजना की लागू होने का वर्ष अवधि तथा उसके उद्देश्य को जानने के लिए आपको निम्नलिखित डीटेल्स को ध्यान पूर्वक पढ़ना होगा– 

योजनावर्ष अवधिउद्देश्य
पहली पंचवर्षीय योजना1951-1956कृषि क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया गया तथा हीराकुंड डैम और भाखड़ा नांगल बांध जैसी बहुउद्देशीय परियोजनाएं शुरू की गई |
दूसरी पंचवर्षीय योजना1956-1961औद्योगिक विकास की नीति बनाई थी |
तीसरी पंचवर्षीय योजना1961-1966नागरिकों को सशक्त व आत्मनिर्भर और अर्थव्यवस्था को गतिशील किया गया |
चौथी पंचवर्षीय योजना1969-1974आर्थिक विकास तथा आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया | 
पांचवी पंचवर्षीय योजना1974-1979गरीबी को कम तथा कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए कार्य किया गया | 
छठी पंचवर्षीय योजना 1980-1985गरीबी को खत्म करना तथा देश के आर्थिक विकास में वृद्धि तथा NABARD बैंक की स्थापना की गई |
सातवीं पंचवर्षीय योजना1985-1990गरीबी को हटाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास  हेतु कार्य करना | नागरिकों तक सामाजिक सेवा पहुंचाना तथा उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना |
आठवीं पंचवर्षीय योजना1992-1997जनसंख्या में वृद्धि लाना तथा संस्था का निर्माण करना | पंचायत राज, नगर पालिका तथा मानव संसाधनों को मजबूत करना |
नवी पंचवर्षीय योजना1997-2002घरेलू संस्थानों को आत्मनिर्भर बनाना तथा सरकार द्वारा स्थापित संस्थानों को उचित प्रकार से प्रयोग करना |
10वीं पंचवर्षीय योजना2002-2007शिक्षा में वृद्धि तथा कृषि उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करना | ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के रोजगार में विकास करना |
11वीं पंचवर्षीय योजना2007-2012प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, आम आदमी बीमा योजना, राजीव आवासीय योजना इन वर्षों में आरंभ की गई |इस योजना के दौरान देश में बहुत प्रगतिशील रूप से विकास हुआ |
12वीं पंचवर्षीय योजना2012-2017इसके दौरान 11वीं पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य आर्थिक विकास हेतु 9% से घटाकर 8.1% कर दिया गया |आर्थिक विकास के लिए सालाना 10% का लक्ष्य रखा गया |

कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

12वीं पंचवर्षीय योजना के बाद मोदी सरकार द्वारा यह योजनाएं बंद कर दी गई थी | 13वी पंचवर्षीय योजना लागू नहीं की गई थी इसके बाद नीति आयोग द्वारा एक ड्राफ्ट एक्शन प्लान पेश किया गया था जिसके अंतर्गत 15 साल का लॉन्ग टर्म विजन तैयार किया गया था | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा नीति आयोग की स्थापना करने से इन योजनाओं को बंद करने पर कोई फर्क नहीं पड़ा तथा प्रधानमंत्री जी द्वारा नागरिकों के लिए लाभ लेने हेतु डिफेंस प्लान की शुरुआत की गई |

पहली पंचवर्षीय योजना

यह योजना 8 दिसंबर 1951 को पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा आरंभ की गई जो 1956 तक चली | फर्स्ट पंचवर्षीय योजना हेराल्ड डोमर पर आधारित थी | इसके अंतर्गत भाखड़ा नांगल बांध तथा हीराकुंड बांधस्थापना की गई | इसका लक्ष्य 2.1% था लेकिन इसकी वृद्धि 3.6 % हुई | कृषि विकास तथा अनाज की कमी को पूरा करने पर अधिक ध्यान दिया गया | 

कार्य

  • किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करने हेतु कृषि विकास पर अत्यधिक ध्यान दिया गया |
  • बांध बनाने तथा सिंचाई का कार्य किया गया | 
  • शरणार्थियों के रहने के लिए जगह दी गई |

द्वितीय पंचवर्षीय योजना

पहली पंचवर्षीय योजना का कार्यकाल समाप्त होने के बाद द्वितीय पंचवर्षीय योजना शुरू की गई इसकी कार्य अवधि 1951-1956 थी | यह पीसी महालनोविस मॉडल पर आधारित है | इसके अंतर्गत स्टील प्लांट मिल तथा पनबिजली (hydro power) और भारी परियोजनाओं (heavy products) को स्थापित किया गया | घरेलू उत्पादन से औद्योगिक उत्पादन का विकास किया गया जिससे देश में अत्यधिक वृद्धि हुई |

कार्य

  • छात्रों को सहायता देने हेतु 1957 में छात्रवृत्ति आरंभ की गई |
  • औद्योगिक उत्पादन में विकास का कोयला उत्पादन को बढ़ावा दिया गया |

तृतीय पंचवर्षीय योजना

इसकी कार्य अवधि 1961-1966 तक रही है | तृतीय पंचवर्षीय योजना जॉन सैंडी तथा सुखमय चक्रवर्ती मॉडल आधारित है | इसे गाडगिल योजना कहा जाता है | 1962 में भारत चीन के बीच तथा 1965 में भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ | जिससे आर्थिक व्यवस्था में गिरावट आई | बच्चों के लिए स्कूल बनाने का कार्य शुरू हुआ तथा हरित क्रांति भी शुरू हुई |

कार्य

  • बांध एवं सिंचाई का कार्य जारी रहा |
  • गेहूं उत्पादन तथा कृषि में बढ़ावा बढ़ावा हुआ |
  • सीमेंट तथा केमिकल फर्टिलाइजर का उत्पादन हुआ |

चौथी पंचवर्षीय योजना

इसकी कार्य अवधि 1969-1974 की थी | चौथी पंचवर्षीय योजना अशोक रूद्र तथा ए एस मान्य मॉडल पर आधारित है | इसके दौरान भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी बनी | उन्होंने देश के 14 बैंकों को राष्ट्रीकृत बनाया | 1971 में उन्होंने चुनाव के दौरान गरीबी हटाओ का नारा दिया | इसकी प्लानिंग योजना आयोग के उपाध्यक्ष डी पी गाडगिल ने की | 

कार्य

  • इस योजना के दौरान ISRO की स्थापना हुई |
  • देश की आर्थिक व्यवस्था पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया |
  • पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए उद्योग (इंडस्ट्री) स्थापित किए गए |
  • भारतीय खाद्य सुरक्षा प्रणाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का गठन किया गया |

पांचवी पंचवर्षीय योजना

यह योजना 1974-1979 तक कार्यरत रही | पांचवी पंचवर्षीय योजना डी पी धर मॉडल पर आधारित थी | इसके अंतर्गत गरीबी को हटाकर रोजगार के नए अवसर प्रदान किए गए | ग्रामीण बैंकों का निर्माण कृषि विकास पर ध्यान दिया गया | 1978 में मोरार

जी देसाई भारत के चौथे प्रधानमंत्री बने | जनता पार्टी से न्यूली इलेक्टेड थे उनके द्वारा इस योजना को स्वीकार नहीं किया गया |

कार्य

  • इस योजना के अंतर्गत 2 अक्टूबर 1975 को ग्रामीण बैंकों की स्थापना की थी |
  • इसके योजना के अंतर्गत सोशल फॉरेस्ट्री को भी शुरू किया गया |
  • नेशनल हाईवे बनाने के लिए हाईवे सिस्टम को पेश किया गया |

योजना संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

दोबारा इलेक्शन होने के कारण श्रीमती इंदिरा गांधी जी की सरकार 4 साल तक चली थी | इसके बाद मोरारजी देसाई के चुने जाने के बाद इस योजना द्वारा संचालित कार्यों को रोक दिया गया | पिछड़े वर्ग के लिए Gunnar Myrdal में वार्षिक प्लान बनाया जिसे रोलिंग प्लान नाम से जाना गया | इसको मोरारजी देसाई जी ने स्वीकार कर लिया था |

छठी पंचवर्षीय योजना

इस योजना की कार्य अवधि 1980-1985 तक रही है | इंदिरा गांधी दोबारा प्रधानमंत्री बन चुकी थी इस योजना को भी दोबारा तैयार किया गया | जनता पार्टी द्वारा बनी अनवरत योजना को समाप्त करके इंदिरा गांधी ने छठी पंचवर्षीय योजना को आरंभ किया | इस योजना का लक्ष्य 5.2 रखा गया था परंतु इसमें 5.7% वृद्धि हुई |

कार्य

  • इस योजना के तहत आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत की गई |
  • फैमिली प्लानिंग भी इस योजना के दौरान आरंभ की गई |
  • आर्थिक विकास तथा गरीबी को खत्म करना इसका मुख्य उद्देश्य था |

सातवीं पंचवर्षीय योजना

इसकी कार्य अवधि 1985 से 1990 की रही है | सातवीं पंचवर्षीय योजना के तहत अनाज के उत्पादन को अधिक मात्रा में बढ़ाना तथा लोगों तक सामाजिक सेवा पहुंचाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास हेतु कार्य करना इसका मुख्य लक्ष्य था | 5.0- 6.1 इसकी वृद्धि हुई | इसके अंतर्गत तीन योजना शुरू की गई |

कार्य

  • इंदिरा आवास योजना (1985-1986), जवाहर रोजगार योजना (1989), नेहरू रोजगार योजना (1989)
  • इसके अंतर्गत भोजन, कार्य तथा उत्पादन का नारा दिया गया |
  • अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया गया |
  • नई नीतियों को लागू किया गया |

कुछ मुख्य जानकारी

इसके बाद देश में आठवीं पंचवर्षीय योजना से ऊपर लागू नहीं की गई इसी कारण दो वार्षिक योजनाएं(1990-1991) तथा (1991-1992) चलाई गई |1990 में SIDBI (स्मॉल इंडस्टरीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ़ इंडिया) की स्थापना की गई | उसके बाद आठवीं पंचवर्षीय योजना की स्थापना की गई | इन योजनाओं के अंतर्गत आर्थिक व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया गया |

आठवीं पंचवर्षीय योजना

इसकी योजना अवधि 1992 से 1997 तक कार्यरत रही | आठवीं पंचवर्षीय योजना जॉन डब्ल्यू मिलर मॉडल पर आधारित है | इसके अंतर्गत नागरिकों के लिए शिक्षा हेतु स्कूलों का निर्माण तथा शिक्षा हेतु योजनाएं की गई | सामाजिक विकास में नई नीतियां बनाइए तथा प्रधानमंत्री योजना शुरू की गई | इसके अंतर्गत उर्जा क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई | 

कार्य

  • मानव विकास इसका मुख्य कार्य था |
  • 15 से 35 वर्ष के नागरिकों में इलिटरेसी को कम किया गया |
  • संस्थाओं का निर्माण तथा सिंचाई और ऊर्जा के क्षेत्र को विकास मिला |
  • इसके अंतर्गत उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण जैसी आर्थिक नीतियां लागू की गई |

नवी पंचवर्षीय योजना

इस योजना की कार्य अवधि 1997 से सन 2002 तक थी | नवी पंचवर्षीय योजना आगत निर्गत मॉडल पर आधारित है | इसके तहत 15 साल पुरानी राजनीति स्वीकार की गई | इसके द्वारा गरीबी हटाकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें रोजगार के नए अवसर प्रदान करना मुख्य कार्य था | इसके अलावा कुछ क्षेत्र शिक्षा का निर्माण और साफ पीने का पानी को जारी रखा गया |

कार्य

  • इसके तहत जवाहर ग्राम समृद्धि योजना, स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना, स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना तथा प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना को आरंभ किया गया |
  • देश के आर्थिक विकास पर ध्यान देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों को प्रगतिशील बनाना |
  • संस्थानों का उचित प्रयोग 

दसवीं पंचवर्षीय योजना

इसकी कार्य अवधि 2002 से 2007 तक रही | दसवीं पंचवर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य देश में बेरोजगारी का सफाया कर रोजगार के अवसर प्रदान करना | नागरिकों की आय दोगुनी करके उनकी आय में वृद्धि करना | सन 2003 में स्कूल में बच्चों की शिक्षा का स्तर उच्च करने हेतु उन्हें दाखिले प्राप्त कराए गए |

  • सन 2007 में प्राथमिक शिक्षा में बहुत अधिक वृद्धि की गई तथा उच्च स्तर प्रदान किया गया |
  • लोगों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु एवं पर कारोबार दिया गया |
  • ऊर्जा खर्च पर अत्यधिक जोर दिया गया |
  • कृषि विकास पर भी बहुत अधिक ध्यान दिया गया | 

ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना

इसका कार्यकाल 2007-2012 का था | ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य 8.1% रखा है परंतु  इसके द्वारा वृद्धि 7.9% हुई | इस योजना की रंगराजन द्वारा की गई थी | इस दौरान मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे | इसके तहत सभी नदियों तथा जल क्षेत्रों में सफाई करवाने का निर्णय लिया |  इसके अंतर्गत 3 योजनाएं शुरू की गई थी |

कार्य

  • प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, आम आदमी बीमा योजना, राजीव आवास योजना |
  • इसका कुल बजट 71731.98 था |
  • इसकी थीम तेज और अधिक समावेशी विकास थी |
  • पीने का स्वच्छ जल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को बिजली की पूर्ति कराई गई |
  • विकास को अत्यधिक तेजी से बढ़ाया गया |

12वीं पंचवर्षीय योजना

इस योजना का कार्यकाल सन 2012-2017 तक था | 12वीं पंचवर्षीय योजना में आर्थिक विकास हेतु 10% प्रति वर्ष का लक्ष्य रखा गया था | यह आखिरी पंचवर्षीय योजना थी | इसके बाद डिफेंस प्लान लागू हुआ | इसके अंतर्गत लड़का लड़की होने वाले भेदभाव तथा जातियों में असमानता की दृष्टि को समाप्त किया गया | नागरिकों को बैंकिंग लाभ के लिए जागरूकता प्रदान की गई  |

कार्य

  • गांव में रहने वाले नागरिकों को बिजली की पूर्ति दी गई |
  • नागरिकों के लिए पीने के पानी की पूर्ति कराई गई |
  • इस योजना के तहत सामाजिक कार्यों पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित किया गया |
  • कृषि कार्यों तथा शिक्षा के स्तर को उच्च करने के लिए भी विकास कार्य किया गया |

मुख्य जानकारी

श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने योजना आयोग द्वारा पंचवर्षीय योजनाओं को  अस्वीकार कर दिया | उसके बदले सन 2015 में नीति आयोग की स्थापना की | जिसके तहत डिफेंस प्लान पेश किया गया |

13वी पंचवर्षीय योजना के रूप में डिफेंस प्लान

सन 1962 को Five Years Difence Plan का आरंभ हुआ | नीति आयोग द्वारा 13वी पंचवर्षीय योजना के रूप में डिफेंस प्लान पेश किया गया था | 15 साल के लॉन्ग टर्म विजन डॉक्यूमेंट में आंतरिक सुरक्षा और रक्षा को भी मिलाया गया है जो की पंचवर्षीय योजनाओं का हिस्सा थी | इन योजनाओं की सूचना फाइनेंस मिनिस्टर को दी जाती है |

Five Year Plans के लाभ तथा विशेषताएं

पंचवर्षीय योजनाओं के कुछ मुख्य लाभ तथा विशेषताएं निम्नलिखित है:-

  • पहली पंचवर्षीय योजना हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी द्वारा आरंभ की गई | 
  • यह योजना 8 जुलाई सन 1951 को लागू हुई |
  • यह योजनाएं लागू होने के बाद 5 साल तक चलाई जाती हैं इसके बाद सरकार द्वारा नए उद्देश्यों से दूसरी योजना लागू की जाती है |
  • Panchvarshiya Yojana को आगे बढ़ाने के लिए 15 अगस्त 1950 को योजना आयोग का गठन किया गया |
  • पंचवर्षीय योजनाओं के तहत कई संस्थानों की स्थापना की गई | इसके अंतर्गत नागरिकों की शिक्षा तथा रोजगार पर अत्यधिक ध्यान दिया गया |
  • इन योजनाओं द्वारा देश की आर्थिक व्यवस्था में वृद्धि तथा कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में विकास हुआ है |
  • हमारे देश में अब तक 12 पंचवर्षीय योजनाएं लागू हो चुकी है सन 2017 के बाद से इन योजनाओं की मोदी सरकार द्वारा प्रतिबंध लगा दिया गया है |
  • योजनाओं द्वारा देश की गरीबी को घटाकर नागरिकों को रोजगार के नए अवसर प्रदान किए गए हैं |
  • 12वीं पंचवर्षीय योजना के बाद नीति आयोग ने 13वीं पंचवर्षीय योजना के रूप में एक एक्शन प्लान पेश किया था जिसके तहत 15 सालों का लॉन्ग टर्म विजन बनाया गया था |
  • इन योजनाओं द्वारा देश के नागरिकों के जीवन स्तर में अत्यधिक सुधार आया है |

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